>
सुरक्षा अलर्ट: धोखाधड़ी करने वाले टीवीएस क्रेडिट के नाम का गलत इस्तेमाल कर रहे हैं. किसी को भी व्यक्तिगत जानकारी साझा न करें या किसी को पैसे ट्रांसफर न करें. विशेष ऑफर पेज पर जाकर हमारे सभी खास ऑफर चैक करें. अगर आपको कोई फर्जी कॉल आता है, तो उनके बारे में 1930 पर कॉल करके या संचार साथी पोर्टल या ऐप के जरिए तुरंत रिपोर्ट करें.
Hamburger Menu Icon

भारत में यूज़्ड कार खरीदने के लिए 4-चरणों वाली एक गाइड

सेकेंड-हैंड कार खरीदने की योजना बना रहे हैं?

इस बात को लेकर आशंकित हैं कि खरीदना चाहिए या नहीं?

आपको इसे खरीदना चाहिए! यूज़्ड कारें किफायती होती हैं, उनका डेप्रिसिएशन कम होता है, उन्हें कम इंश्योरेंस की आवश्यकता होती है और वे वारंटी के साथ आती हैं, और ये सुविधाएं उन्हें एक नई कार जितनी अच्छी बनाती हैं! यह सबकुछ आपकी चयन प्रक्रिया पर निर्भर करता है.

यूज़्ड कारों का मार्केट बड़ा है और तेज़ी से बढ़ रहा है. हालांकि, भारत में सेकेंड-हैंड कार इंडस्ट्री उतनी संगठित नहीं है, जिसके कारण कोई कार डीलर कितना विश्वसनीय है, यह निर्धारित करना मुश्किल होता है. आपको हज़ारों चीज़ें ध्यान में रखनी होंगी, जैसे. डॉक्यूमेंट, इंश्योरेंस, कार लोन की ब्याज दर इत्यादि. अगर आप कार डीलर या मालिकों के बहकावे में नहीं आना चाहते हैं, तो आपको सलाह दी जाती है कि किसी ऐसे व्यक्ति की सलाह लें, जो आपको पूरी प्रोसेस समझा सके.

यूज़्ड कार खरीदने के लिए यहां कुछ उपयोगी सुझाव दिए गए हैं:

चरण1: अपना विक्रेता सावधानीपूर्वक चुनें

किसी भी अन्य चीज़ पर निर्णय लेने से पहले, पहला चरण यह निर्धारित करने का होता है कि आप किससे यूज़्ड कार खरीदना चाहते हैं। भारत में तीन विकल्प प्रचलित हैं: आप इसे किसी व्यक्ति, ब्रोकर या फ्रेंचाइजी आधारित प्री-ओन्ड डीलर से खरीद सकते हैं। अगर आप विक्रेता को जानते हैं, तो पहला विकल्प निस्संदेह सबसे अच्छा है! वैकल्पिक रूप से, आप इसे छोटे स्तर के यूज़्ड कार ब्रोकर से खरीद सकते हैं। हालांकि, उनके द्वारा बताई गई कीमत पर मोलभाव अवश्य करें और कार की अच्छे से जांच करें, क्योंकि अक्सर वे इसे जल्दबाजी में बेचना चाहते हैं। अंत में, अगर आप मार्केट में अन्य कंपनियों से इसे खरीदते हैं, तो आपको थोड़ा ज़्यादा खर्च करना पड़ सकता है, लेकिन आपको कार की स्थिति की चिंता करने की आवश्यकता नहीं होगी। इसलिए जल्दबाजी न करें, अपनी प्राथमिकताओं के बारे में सोचें, और उसके अनुसार ही निर्णय लें.

चरण2: अपनी तैयारी पूरी रखें

  1. मॉडल चुनें:

इस चरण में व्यापक रिसर्च शामिल है। अगर आप किसी विशेष मॉडल में रुचि रखते हैं, तो इस मॉडल की अच्छी और बुरी बातों को जानने के लिए ऐसी कारों के मालिकों से बात करें। चलाने और रखरखाव की लागत के बारे में पूछताछ करें ताकि आप जान सकें कि इसे खरीदना लंबे समय में किफायती होगा या नहीं। मॉडल पर अंतिम निर्णय लेने के बाद, अगले चरण पर जाएं.

  1. कीमत पर मोलभाव करें:

आप जिस कार को खरीदना चाहते हैं, उसकी कीमतों के बारे में ऑनलाइन और ऑफलाइन रिसर्च करें ताकि आप मोलभाव कर सकें। हालांकि, यह न भूलें कि निर्माण के वर्ष, कार की स्थिति और यहां तक कि रंग के अनुसार भी कीमतें अलग-अलग होती हैं.

  1. विशेषताओं के बारे में जानें:

आपको केवल पैसों के बारे में ही नहीं सोचना चाहिए; बल्कि आपको कार की विशेषताएं भी पता होनी चाहिए ताकि कार की जांच करते समय आप पता लगा सकें कि कौन से कंपोनेंट और एक्सेसरीज़ नहीं हैं। ओह, हां यही तो अगला चरण है!

चरण3: कार की अच्छे से जांच करें

डील पर अंतिम निर्णय लेने से पहले, एक विश्वसनीय मैकेनिक द्वारा कार की जांच करवाएं ताकि अगर कुछ समस्या मिलती है, तो आप उसे मालिक के द्वारा ठीक करवा सकें या मोलभाव कर सकें.

  • कार का प्रदर्शन मुख्यतः इंजन पर निर्भर करता है। इंजन से संबंधित कोई भी नुकसान आपको महंगा पड़ सकता है, इसलिए सुनिश्चित करें कि यह ठीक से काम कर रहा हो। इसके अलावा, एयर, फ्यूल, ट्रांसमिशन और ऑयल फिल्टर बदलें.
  • ब्रेक चेक करने के लिए टेस्ट ड्राइव लें। धीमी और उच्च गति पर ड्राइविंग करने की कोशिश करें और देखें कि कोई वाइब्रेशन या अजीब सी आवाज़ तो नहीं आ रही है। इसके अलावा, यह भी देखें कि कार किसी एक दिशा में खिंची तो नहीं जा रही है.
  • मामूली डेंट और स्क्रैच बड़ी बात नहीं हैं। हालांकि, यह सुनिश्चित करें कि कार के साथ पूर्व में कोई बड़ी दुर्घटना न हुई हो.
  • एक बार इंटीरियर पर नज़र डालें और सुनिश्चित करें कि स्टीयरिंग, सीटें, डोर हैंडल आदि अच्छी स्थिति में हैं। चेक करें कि एयर कंडीशनर, म्यूजिक सिस्टम और पावर विंडो जैसे इलेक्ट्रिक इक्विपमेंट ठीक से काम कर रहे हैं या नहीं.
  • अंत में, सभी टायरों की जांच करना न भूलें.

चरण4: पेपरवर्क अच्छी तरह से करें

पहला चरण यह है कि ओनरशिप अपने नाम पर ट्रांसफर करवाएं। रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट (आरसी) अपने नाम पर ट्रांसफर करवाएं और फिर अन्य पेपर्स की जांच करें। भले ही आरसी आपके नाम पर हो, लेकिन अगर इंश्योरेंस आपके नाम पर नहीं है, तो यह निरस्त माना जाएगा। इसलिए इंश्योरेंस पॉलिसी अपने नाम पर ट्रांसफर अवश्य करवाएं या एक नई पॉलिसी प्राप्त करें। देखें कि कार के साथ कोई दुर्घटना तो नहीं हुई है और एनसीबी भी चेक करें - एनसीबी जितना अधिक होगा, उतना बेहतर है। सुनिश्चित करें कि आप जिस कार को खरीद रहे हैं, उस पर कोई लोन बकाया नहीं हो। इसके लिए आवश्यक फॉर्म चेक करें। मान्य प्रदूषण नियंत्रण सर्टिफिकेट (पीयूसी), रोड टैक्स की रसीद, कार की खरीद का बिल, एनओसी आदि जैसे अन्य सभी आवश्यक डॉक्यूमेंट प्राप्त करें.

बोनस टिप:

अगर आप कार खरीदने के लिए लोन लेने की योजना बना रहे हैं, तो पहले से ही यूज़्ड कार लोन की ब्याज दर चेक करना न भूलें। पहली ड्राइव से पहले अपनी कार को धुलवाएं और छोटी-मोटी खराबी को ठीक करवाएं, ताकि आप अपनी इस स्मार्ट खरीदारी का पूरा आनंद ले सकें!

ऑटो-रिक्शा बिज़नेस को कुशलतापूर्वक चलाने के लिए सुझाव

किताबों से यह तो सीखा जा सकता है कि किसी विचार को वास्तविक बिज़नेस में कैसे लागू किया जा सकता है, लेकिन किसी बिज़नेस को कुशलतापूर्वक चलाना और बड़ा बनाना किताबों से नहीं सीखा जा सकता है। यह वास्तविक जीवन का अनुभव है, जो आपको सिखाता है कि चुनौतियों से कैसे निपटें और बिज़नेस को बड़ा कैसे बनाएं। विश्व के सभी सफल लोग रातोंरात प्रसिद्ध नहीं हुए। इसके लिए सावधानीपूर्वक योजना बनाने, रणनीति बनाने और पुनः नई रणनीति बनाने की आवश्यकता होती है.

ऑटो रिक्शा का बिज़नेस भी इससे अछूता नहीं है। एक ऑटो रिक्शा ड्राइवर के रूप में, आपको अपने बिज़नेस को बेहतर बनाने के लिए कुछ चीज़ों का पालन करना होगा। यहां ऑटो रिक्शा ड्राइवर्स के वास्तविक जीवन के अनुभव से प्राप्त कुछ रणनीतियां दी गई हैं, जिन्हें आप अपने बिज़नेस में लागू कर सकते हैं:

1. लुक पर ध्यान दें

लुक पर थोड़ा अधिक ध्यान देने से आप अच्छा प्रभाव छोड़ पाएंगे। अधिकांश ड्राइवर रोज अपने ऑटो रिक्शा को साफ करते हैं। अगर आप अपने ऑटो रिक्शा को साफ करते हैं, तो आप कुछ अलग नहीं कर रहे हैं। इस तेज़ प्रतिस्पर्धी दुनिया में, लोगों का ध्यान आपके रिक्शा पर जाने के लिए उसे कुछ अलग दिखना चाहिए। आप इसे लाइट से सजा सकते हैं, इसमें अच्छे पोस्टर चिपका सकते हैं या इसे आकर्षक तरीके से पेंट कर सकते हैं ताकि यह बाकी ऑटो-रिक्शा से अलग दिखे.

2. बहु-आयामी दृष्टिकोण प्राप्त करें

किसी भी यात्री को कभी ना नहीं कहें, चाहे उसकी यात्रा छोटी दूरी की ही क्यों न हो। यह अपनी आय को ना कहने के जैसा है। जो कुछ भी आपके रास्ते में आता है, उसे स्वीकार करें और काम करते रहें। कुछ ऑटो ड्राइवर अब ओला और अन्य कंपनियों के साथ भी जुड़ रहे हैं ताकि ट्रिप की संख्या बढ़ाई जा सके। काम करते रहें और आय के कई स्रोत बनाएं.

3. अपने प्रतिस्पर्धियों के आसपास रहें

कई बार ऐसा होता है जब कोई यात्री घंटों से ऑटो की प्रतीक्षा कर रहा हो और कोई ऑटो वाला नहीं आता है। दूसरी तरफ, कई बार ऐसा होता है कि एक यात्री के रूप में आप इंतज़ार कर रहे हों और कई ऑटो आ जाते हैं। इसलिए, अन्य ड्राइवर्स के आसपास रहें ताकि अगर वह किसी ट्रिप के लिए मना करे, तो आप उसी समय उस ट्रिप को स्वीकार कर लें.

4. मोलभाव की कला सीखें

पीक आवर्स, देर रात, और बरसात वाले दिन जैसी कुछ विशिष्ट स्थितियों में हमारे देश के ऑटो रिक्शा ड्राइवर्स खूब लाभ कमाते हैं क्योंकि इस समय कस्टमर द्वारा इनकी मांग बहुत अधिक होती है। साथ ही, वे कस्टमर्स को वैकल्पिक रास्ते से जाने के लिए मना लेते हैं। इसलिए, सुनिश्चित करें कि अन्य ऑटो ड्राइवर्स की तरह, आप भी अच्छे से मोलभाव करते हैं और ट्रिप शुरू होने से पहले ही यात्री को एक निश्चित दर के लिए राज़ी कर लेते हैं.

5. पारदर्शी बनें

सुनिश्चित करें कि आपके रिक्शे में मीटर लगा हुआ हो ताकि आप दूरी, प्रतीक्षा अवधि और शुल्कों जैसे अनिवार्य विवरणों के बारे में अपने यात्रियों को अपडेट कर सकें। ये चीज़ें यात्रियों के लिए महत्वपूर्ण हैं, और इनसे वे अपनी ट्रिप का कुल शुल्क जान पाते हैं.

6. साथी ड्राइवर्स की मदद करें

आपकी अपने यूनियन के ड्राइवर्स या आपके क्षेत्र में ऑटो चलाने वाले ड्राइवर्स से दोस्ती अवश्य होगी। इसलिए, अपने दोस्तों की मदद करना न भूलें और अच्छे और बुरे समय में उनके साथ रहें। हर चीज़ में उनके साथ रहें; फिर चाहे खाली समय में साथ चाय पीने जैसी सामान्य बात हो या विरोध-प्रदर्शन में भाग लेने जैसी बड़ी बात हो.

अगर आप पहले से ही ऑटो चलाते हैं, तो उपरोक्त सुझावों का जल्द से जल्द पालन करना शुरू करें। हालांकि, अगर आपने अभी तक बिज़नेस शुरू नहीं किया है, तो आप थ्री-व्हीलर फाइनेंस प्राप्त करने पर विचार कर सकते हैं और फिर अपने लिए एक ऑटो रिक्शा खरीद सकते हैं। कई संस्थान देते हैं ऑटो लोन इस मार्केट में। इसलिए, सुनिश्चित करें कि आपको सर्वश्रेष्ठ लोन प्राप्त हो और आप आगे बढ़ते रहें!

अपने थ्री-व्हीलर को अच्छी स्थिति में रखने के लिए मेंटेनेंस से संबंधित 4 सबसे अच्छे सुझाव

आज, बैंक थ्री-व्हीलर वाहन खरीदने वाले लोगों को अत्यंत महत्व दे रहे हैं जिसके कारण वे थ्री-व्हीलर लोन और ऑटो लोन जैसे प्रोडक्ट लेकर आए हैं। इसलिए, अगर आप एक थ्री-व्हीलर खरीदने की योजना बना रहे हैं, तो पहले थ्री-व्हीलर लोन की ब्याज दरें देखें.

थ्री-व्हीलर सेक्टर में अधिक ऑटोमोबाइल कंपनियों के आगमन के साथ, भारतीय सड़कों पर ऑटो-रिक्शा, टेम्पो और ट्रक जैसे थ्री-व्हीलर वाहन अब और भी अधिक संख्या में दिखेंगे। वे वस्तुओं और यात्रियों के लिए परिवहन के सर्वोत्तम साधनों में से एक हैं। उनके लिए कम इन्वेस्टमेंट और कम मेंटेनेंस खर्च की आवश्यकता होती है, जो उन्हें सबसे किफायती साधनों में से एक बनाता है। हालांकि, अगर थ्री-व्हीलर के मेंटेनेंस पर ध्यान न दिया जाए, तो यह लंबे समय तक नहीं चलेगा और इसके मेंटेनेंस की लागत भी अधिक आएगी। दूसरी तरफ, अगर किसी थ्री-व्हीलर को अच्छे से मेंटेन किया जाता है, तो यह अधिक मजबूत, टिकाऊ और सुरक्षित बनेगा.

नियमित सर्विसिंग और मेंटेनेंस से इंजन की दक्षता बढ़ेगी और यह उन समस्याओं को समाप्त कर देगा, जो आपकी जेब पर भारी पड़ सकती थीं। यहां आपके थ्री-व्हीलर के मेंटेनेंस के लिए कुछ सुझाव दिए गए हैं:

1. इंजन ऑयल की नियमित रूप से जांच करें!

जब थ्री-व्हीलर की बात आती है, तो इंजन की कार्यक्षमता मुख्य रूप से इंजन ऑयल पर निर्भर करती है। यह सुनिश्चित करें कि ऑयल का स्तर सुझाए गए स्तर के अनुसार हो। इसके अलावा, कम कीमतों से आकर्षित होकर सस्ते ऑयल का उपयोग न करें। यह आपके इंजन को केवल नुकसान पहुंचाएगा और मेंटेनेंस की लागत बढ़ाएगा। अधिकांश मामलों में ऑटो रिक्शा के लिए 2T ऑयल की सलाह दी जाती है। यह इंजन को आसानी से चालू करता है, उसे साफ करता है और मेंटेनेंस की लागत को कम करता है। यह स्पार्क प्लग में कुछ जमने, जंग लगने और उसके गंदे होने की समस्या को कम करता है। लेकिन, ऑयल और फ्यूल का एक निश्चित रेशियो होता है। इसलिए, सुनिश्चित करें कि आप सही मात्रा में ऑयल डालते हैं.

2. सही स्पीड पर ड्राइव करें

एक थ्री-व्हीलर को उच्च स्पीड पर ले जाने से पहले यह ज़रूरी है कि उसका इंजन पर्याप्त रूप से गर्म हो चुका हो। इसलिए, इसे 35 से 40 किलोमीटर/घंटा की आदर्श स्पीड पर ड्राइव करना एक अच्छी आदत है। इस तरह की कम स्पीड पर ड्राइव करने से आपका ऑटो-रिक्शा लंबे समय तक चलेगा.

3. टायर का प्रेशर नियमित रूप से चेक करें

टायर में हवा का प्रेशर अपर्याप्त होने से ड्राइविंग करते समय गंभीर समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। बेहतर प्रदर्शन और आसान राइडिंग के लिए, ऑटो रिक्शा के टायर में हवा की सही मात्रा होनी ज़रूरी है। इसलिए, टायरों को समय-समय पर चेक करते रहें और उनमें हवा की सही मात्रा बनाए रखें.

4. समय-समय पर ब्रेकिंग सिस्टम चेक करें!

ब्रेकिंग सिस्टम थ्री-व्हीलर के सबसे महत्वपूर्ण सिस्टम में से एक होता है। इसकी नियमित रूप से जांच करें। कई बार, ब्रेक में धूल जमा हो जाती है, जिससे यह अच्छे से काम नहीं कर पाता है। इसलिए, सुनिश्चित करें कि ब्रेकिंग फ्लूइड पर्याप्त मात्रा में हैं.

अपने ऑटो-रिक्शा को अच्छी स्थिति में बनाए रखने के लिए ऊपर दिए गए सुझावों और उपायों का ध्यान रखें और उन्हें अमल में लाएं। अपने थ्री-व्हीलर को मेंटेन रखने से यह न केवल अधिक विश्वसनीय और सुरक्षित वाहन बनेगा, बल्कि इसके खराब होने की संभावना भी कम होगी और इसे बेचते समय आपको अधिक कीमत मिलेगी। इसके अलावा, यह एक स्वच्छ और पर्यावरण-अनुकूल वाहन होगा, जो विश्व को अधिक हरित बनाने में योगदान देगा। अपने थ्री-व्हीलर की देखभाल करें और यह आपकी देखभाल करेगा!

सही टू-व्हीलर लोन चुनने के लिए गाइड

अधिकांश भारतीयों के लिए, बाइक बस मोटर और दो पहियों से बनी एक मशीन नहीं होती है! बहुत से लोगों के लिए, यह उनकी लाइफलाइन होती है। लगभग हर भारतीय अपने जीवन के किसी न किसी पड़ाव पर बाइक खरीदने का सपना अवश्य देखता है। इसने भारत में टू-व्हीलर इंडस्ट्री के विकास को बढ़ावा दिया है.

बाइक खरीदने वाले अधिकांश लोग टू-व्हीलर लोन लेना पसंद करते हैं; कम ब्याज दरें, सुविधाजनक पुनर्भुगतान विकल्प, आसान डॉक्यूमेंटेशन और तेज़ अप्रूवल जैसी सुविधाओं नेटू-व्हीलर लोन को भारत में सबसे तेजी से बढ़ती इंडस्ट्रीज़ में से एक बना दिया है.

जब आप पहली बार बाइक लोन लेने पर विचार करते हैं, तो आपके मन में बहुत सारे प्रश्न आ सकते हैं: क्या मैं पात्र हूं? मैं अप्लाई कैसे करूं? मुझे किन डॉक्यूमेंट की आवश्यकता होगी? मैं कितनी राशि के लिए अप्लाई कर सकता/सकती हूं? ब्याज दर क्या होगी? मुझे कितनी ईएमआई का भुगतान करना होगा? और इसी तरह के कई अन्य प्रश्न

टू-व्हीलर लोन के लिए अप्लाई करने से पहले आपको यहां दी गई कुछ सबसे महत्वपूर्ण चीज़ों पर विचार करना चाहिए:

1. बेहतर ब्याज दरों के बारे में जानें

आपकी पात्रता आपके शहर, सैलरी, निवास के प्रकार, आयु, रोजगार की स्थिति और क्रेडिट स्कोर पर निर्भर करती है। अगर आपका क्रेडिट स्कोर अच्छा है, तो आप अधिक मोल-भाव कर सकते हैं। ऐसा भुगतान चुनें जो आपकी जेब के लिए बहुत भारी न हो ताकि आप अनुचित तनाव या फाइनेंशियल बोझ से बच सकें.

2. अतिरिक्त ऑफर की तलाश करें

इसे त्योहारों के मौसम में खरीदना अच्छा होता है। मुफ्त गोल्ड कॉइन, ज़ीरो प्रोसेसिंग फीस, मुफ्त इंश्योरेंस आदि जैसे अतिरिक्त ऑफर्स की तलाश करें.

3. अधिक उधार न लें

अपनी फाइनेंशियल स्थिति की जांच करें और देखें कि आप कितनी राशि के लोन के लिए सक्षम हैं। ऐसा करने का सबसे अच्छा तरीका यह है कि आप अपनी मासिक आय पर विचार करें। अपने आप से पूछें कि आप अपनी आय के कितने हिस्से का उपयोग लोन चुकाने के लिए कर सकते हैं। आपको लॉन्ग-टर्म के बारे में सोचना चाहिए, इसलिए सोचें कि आप कितने समय तक लोन को चुकाना जारी रख सकते हैं। एमरजेंसी स्थिति के लिए हमेशा कुछ पैसे बचाकर रखें। अगर आप अपनी हीरो मोटरसाइकिल इंश्योरेंस पॉलिसी की कीमत जानना चाहते हैं, तो अनुमानित कीमत जानने के लिए बाइक लोन कैलकुलेटर और चेक कर सकते हैं कि आप अपनी सैलरी के कितने हिस्से का उपयोग लोन के लिए कर सकते हैं। हमारे ईएमआई कैलकुलेटर का उपयोग करें

4. पुनर्भुगतान की योजना बनाएं

किसी लोन को कई वर्षों तक खींचना एक अच्छा विचार नहीं है क्योंकि आपको अधिक पैसे चुकाने पड़ सकते हैं। चेक करें कि लोन जल्द से जल्द क़र्ज़ चुकाने की अनुमति देता है या नहीं। ऐसे प्लान का विकल्प चुनें, जिसमें आसान ईएमआई और रियायत अवधि की सुविधा शामिल हो, ताकि आप कोई ईएमआई मिस न करें। साथ ही, आपको एक बड़ा डाउन पेमेंट करने की सलाह दी जाती है ताकि आपकी पुनर्भुगतान राशि और अवधि कम हो.

बोनस टिप:

कुछ डॉक्यूमेंट में ऐसे वाक्यांश होते हैं जिन्हें आप समझ नहीं सकते। इसपर हस्ताक्षर करने से पहले इन भ्रामक शर्तों को समझने के लिए किसी की मदद लेना न भूलें। इसके अलावा, यह भी देखें कि मौजूदा कस्टमर्स का कस्टमर सर्विस के बारे में क्या कहना है। इससे आपको अपने टू-व्हीलर लोन के लिए सही लेंडर चुनने में मदद मिलेगी.

भारत में टू-व्हीलर लोन के लाभ

भारत में आबादी का एक बड़ा हिस्सा अपनी दैनिक यात्रा के लिए टू-व्हीलर का उपयोग करता है। ट्रैफिक में वृद्धि ने समय पर स्कूल, कॉलेज और ऑफिस पहुंचना मुश्किल बना दिया है, जिसके कारण भारतीयों के लिए हाल के समय में टू-व्हीलर परिवहन के सबसे पसंदीदा माध्यमों में से एक बनकर उभरे हैं। तेज़ी से और सुरक्षित रूप से यात्रा करने की चाह रखने वाले लोगों की संख्या में वृद्धि के साथ, टू-व्हीलर की मांग काफी बढ़ गई है, और इसे खरीदने के लिए टू-व्हीलर लोन की आवश्यकता भी तेज़ी से बढ़ी है.

ईएमआई पर बाइक या स्कूटी खरीदना आज सबसे आसान विकल्पों में से एक है। 2 व्हीलर लोन प्राप्त करने के कुछ लाभ यहां दिए गए हैं:

1. किफायती: कम ब्याज दरें, प्रोसेसिंग फीस और डॉक्यूमेंटेशन शुल्क!

टू-व्हीलर लोन की ब्याज दर आय, बाइक की विशेषताओं आदि पर निर्भर करती है। हालांकि, हाल के समय में, बाइक लोन की उच्च मांग और टू-व्हीलर फाइनेंस मार्केट में अधिक कंपनियों के आने के कारण, ब्याज दरें कम हो रही हैं, जिसके कारण यह लोन अधिकांश व्यक्तियों के लिए किफायती हो गया है। इसके अलावा, प्रोसेसिंग फीस और डॉक्यूमेंटेशन शुल्क कम होते हैं। साथ ही, आपको कई विशेष ऑफर और विभिन्न कैटेगरी के लिए उपलब्ध छूट भी मिलते हैं, जैसे- महिला कस्टमर्स के लिए विशेष रूप से कम ब्याज दरें आदि.

2. आसान और तेज़: आसान एप्लीकेशन और तेज़ प्रोसेसिंग!

वे दिन गए जब लोगों को लोन के लिए अप्लाई करने के लिए बैंकों और ऑफिसों में लंबी कतारों में खड़े रहना पड़ता था और लोन के अप्रूवल के लिए एक महीने से अधिक समय तक इंतज़ार करना पड़ता था। पिछले कुछ वर्षों में, लोन एप्लीकेशन और अप्रूवल की प्रोसेस में कई सुधार किए गए हैं। अन्य लोन के विपरीत, टू-व्हीलर लोन के लिए एप्लीकेशन प्रोसेस तेज़ और आसान है तथा कस्टमर्स इसके लिए ऑनलाइन अप्लाई भी कर सकते हैं। इसके अलावा, एप्लीकेशन पूरी होने के बाद, प्रोसेसिंग में लगने वाला समय 2 से 3 कार्य दिवसों जितना कम हो सकता है। साथ ही, डॉक्यूमेंटेशन न्यूनतम है, जिसके कारण अधिकांश लोग इस लोन के लिए पात्र होते हैं। इसलिए, लोन एप्लीकेशन, प्रोसेसिंग और सैंक्शन की पूरी प्रक्रिया बस कुछ दिनों में पूरी हो जाती है। कस्टमर के पास छोटी किश्तों में लोन चुकाने का लाभ भी होता है.

3. ग्रामीण क्षेत्रों तक पहुंच में वृद्धि

यहां तक कि ग्रामीण क्षेत्रों में भी, जहां बहुत कम बैंक हैं, कस्टमर्स के पास लोन प्राप्त करने के बहुत से विकल्प होते हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले लोग, जिनका क्रेडिट स्कोर कम है या जिन्हें बैंकों द्वारा अस्वीकार कर दिया गया है, नॉन-बैंकिंग फाइनेंस कंपनियों (एनबीएफसी) से संपर्क कर सकते हैं, जिससे ऐसे उधारकर्ताओं के लिए ईएमआई पर बाइक की खरीदारी आसान हो जाती है.

4. कम फाइनेंशियल बोझ और उच्च सिबिल स्कोर

सबसे बड़ा लाभ है टू-व्हीलर लोन लेने का कि किसी भी फाइनेंशियल समस्या का सामना नहीं करना पड़ता है. क्योंकि बाइक लोन मामूली मासिक फिक्स्ड ब्याज दरों पर मिलता है, इसलिए हर महीने आसानी से भुगतान किया जा सकता है. यह युवा प्रोफेशनल्स के लिए एक आदर्श विकल्प है, क्योंकि यह उनके लिए अच्छा सिबिल स्कोर बनाने का एक बेहतरीन अवसर है.
लोन को एक बोझ न समझें - क्योंकि इसका उद्देश्य आपके कंधों से फाइनेंशियल बोझ को कम करना होता है। टू-व्हीलर लोन का अधिकतम लाभ उठाएं और अपनी अधिकांश फाइनेंशियल समस्याओं को हल करें

साइन अप करें और पाएं नए अपडेट्स और ऑफर्स

व्हाट्स ऐप

ऐप डाउनलोड करें

हमसे संपर्क करें